उत्पत्ति 1:14
फिर परमेश्वर ने कहा, “दिन को रात से अलग करने के लिये आकाश के अन्तर में ज्योतियाँ हों; और वे चिन्हों, और नियत समयों, और दिनों, और वर्षों के कारण हों;
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
13तथा साँझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार तीसरा दिन हो गया। 1 चौथा दिन—सूरज, चाँद और तारे
15और वे ज्योतियाँ आकाश के अन्तर में पृथ्वी पर प्रकाश देनेवाली भी ठहरें,” और वैसा ही हो गया।
Cross References
Genesis 9:13कि मैंने बादल में अपना धनुष रखा है, वह मेरे और पृथ्वी के बीच में वाचा का चिन्ह होगा।
Job 3:9उसकी संध्या के तारे प्रकाश न दें; 1 वह उजियाले की बाट जोहे पर वह उसे न मिले, 1 वह भोर की पलकों को भी देखने न पाए; 1
Job 25:5देख, उसकी दृष्टि में चन्द्रमा भी अंधेरा ठहरता, 1 और तारे भी निर्मल नहीं ठहरते। 1
Job 38:31“क्या तू कचपचिया का गुच्छा गूँथ सकता 1 या मृगशिरा के बन्धन खोल सकता है? 1
Psalms 8:4तो फिर मनुष्य क्या है + 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है: मनुष्य कैसा महत्वहीन है, उसका जीवन भाप के समान है वह अति शीघ्र विलोप हो जाता है वह अति पापी और अशुद्ध है कि ऐसा प्रश्न किया जाए। कि तू उसका स्मरण रखे, 1 और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? 1
Psalms 74:16दिन तेरा है रात भी तेरी है; 1 सूर्य और चन्द्रमा को तूने स्थिर किया है। 1