Genesis 1:2
पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था। (2 कुरि. 4:6) 1 पहला दिन—उजियाला
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
1आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3)
Cross References
Job 26:14देखो, ये तो उसकी गति के किनारे ही हैं; 1 और उसकी आहट फुसफुसाहट ही सी तो सुन पड़ती है, 1 फिर उसके पराक्रम के गरजने का भेद कौन समझ सकता है?”
Psalms 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, 1 और उसके सारे गण उसके मुँह की 1 श्वास से बने। (इब्रा. 11:3) 1
Psalms 104:30फिर तू अपनी ओर से साँस भेजता है, और वे सिरजे जाते हैं; 1 और तू धरती को नया कर देता है + 104:30 तू धरती को नया कर देता है: पृथ्वी को निर्जन नहीं रखा गया है। एक पीढ़ी समाप्त होती है तो दूसरी पीढ़ी आ जाती है।। 1
Isaiah 45:18क्योंकि यहोवा जो आकाश का सृजनहार है, वही परमेश्वर है; उसी ने पृथ्वी को रचा और बनाया, उसी ने उसको स्थिर भी किया; उसने उसे सुनसान रहने के लिये नहीं परन्तु बसने के लिये उसे रचा है। वही यह कहता है, “मैं यहोवा हूँ, मेरे सिवाय दूसरा और कोई नहीं है।
Nahum 2:10वह खाली, छूछी और सूनी हो गई है! मन कच्चा हो गया, और पाँव काँपते हैं; और उन सभी की कमर में बड़ी पीड़ा उठी, और सभी के मुख का रंग उड़ गया है!