Genesis 1:6
फिर परमेश्वर ने कहा + 1:6 फिर परमेश्वर ने कहा: इससे हम यह सीखते हैं कि वह न केवल है, बल्कि ऐसा है जो अपनी इच्छा को व्यक्त कर सकता है और अपने सृजे हुओं के साथ बातचीत कर सकता है। वह न केवल अपनी सृष्टि के द्वारा प्रगट होता है बल्कि स्वयं भी अपने को प्रगट करता है। , “जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
7तब परमेश्वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग-अलग किया; और वैसा ही हो गया।
Cross References
Genesis 1:20फिर परमेश्वर ने कहा, “जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश के अन्तर में उड़ें।”
Job 26:7वह उत्तर दिशा को निराधार फैलाए रहता है, 1 और बिना टेक पृथ्वी को लटकाए रखता है। 1
Job 26:13उसकी आत्मा से आकाशमण्डल स्वच्छ हो जाता है, 1 वह अपने हाथ से वेग से भागनेवाले नाग को मार देता है। 1
Job 37:18फिर क्या तू उसके साथ आकाशमण्डल को तान सकता है, 1 जो ढाले हुए दर्पण के तुल्य दृढ़ है? 1
Psalms 19:1आकाश परमेश्वर की महिमा वर्णन करता है; 1 और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट करता है। 1
Psalms 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, 1 और उसके सारे गण उसके मुँह की 1 श्वास से बने। (इब्रा. 11:3) 1