Genesis 2:7
तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा, और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूँक दिया; और आदम जीवित प्राणी बन गया। (1 कुरि. 15:45)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
6लेकिन कुहरा पृथ्वी से उठता था जिससे सारी भूमि सिंच जाती थी। 1 मानवजाति का आरम्भ
8और यहोवा परमेश्वर ने पूर्व की ओर, अदन में एक वाटिका लगाई; और वहाँ आदम को जिसे उसने रचा था, रख दिया।
Cross References
Genesis 3:19और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।”
Genesis 7:22जो-जो भूमि पर थे उनमें से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे।
Numbers 27:16“यहोवा, जो सारे प्राणियों की आत्माओं का परमेश्वर है, वह इस मण्डली के लोगों के ऊपर किसी पुरुष को नियुक्त कर दे, (इब्रा. 12:9)
Job 27:3क्योंकि अब तक मेरी साँस बराबर आती है, 1 और परमेश्वर का आत्मा मेरे नथुनों में बना है + 27:3 परमेश्वर का आत्मा मेरे नथुनों में बना है: यहाँ परमेश्वर के आत्मा का अर्थ है मनुष्य की सृष्टि के समय परमेश्वर ने जो श्वास उसमें फूँका था।। 1
Job 33:6देख, मैं परमेश्वर के सन्मुख तेरे तुल्य हूँ; 1 मैं भी मिट्टी का बना हुआ हूँ। 1
Psalms 103:14क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; 1 और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। 1