उत्पत्ति 27:29
राज्य-राज्य के लोग तेरे अधीन हों, 1 और देश-देश के लोग तुझे दण्डवत् करें; 1 तू अपने भाइयों का स्वामी हो, 1 और तेरी माता के पुत्र तुझे दण्डवत् करें। 1 जो तुझे श्राप दें वे आप ही श्रापित हों, 1 और जो तुझे आशीर्वाद दें वे आशीष पाएँ।” 1 आशीर्वाद के लिये एसाव का निवेदन
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
28परमेश्वर तुझे आकाश से ओस, 1 और भूमि की उत्तम से उत्तम उपज, 1 और बहुत सा अनाज और नया दाखमधु दे; 1
Cross References
Genesis 12:3और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूँगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं श्राप दूँगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएँगे।” (प्रेरि. 3:25, गला. 3:8)
Genesis 25:22लड़के उसके गर्भ में आपस में लिपटकर एक दूसरे को मारने लगे + 25:22 एक दूसरे को मारने लगे: रिबका के गर्भ में दो बेटे थे, जो दो जातियों के मूलपिता होंगे, और जिनकी प्रवृति और गंतव्य अलग-अलग होंगे। प्रकृति का क्रम उलट जाएगा, जो बड़ा है वह छोटे की सेवा करेगा। गर्भ में उनका संघर्ष उनके भविष्य के इतिहास की भूमिका थी।। तब उसने कहा, “मेरी जो ऐसी ही दशा रहेगी तो मैं कैसे जीवित रहूँगी?” और वह यहोवा की इच्छा पूछने को गई। 1
Genesis 25:33याकूब ने कहा, “मुझसे अभी शपथ खा,” अतः उसने उससे शपथ खाई, और अपना पहलौठे का अधिकार याकूब के हाथ बेच डाला।
Genesis 27:40तू अपनी तलवार के बल से जीवित रहे, 1 और अपने भाई के अधीन तो होए; 1 पर जब तू स्वाधीन हो जाएगा, 1 तब उसके जूए को अपने कंधे पर से तोड़ फेंके।” (इब्रा. 11:20) 1 याकूब का एसाव के डर से भागना
Genesis 49:8हे यहूदा, तेरे भाई तेरा धन्यवाद करेंगे, 1 तेरा हाथ तेरे शत्रुओं की गर्दन पर पड़ेगा; 1 तेरे पिता के पुत्र तुझे दण्डवत् करेंगे। 1
Numbers 23:8परन्तु जिन्हें परमेश्वर ने श्राप नहीं दिया उन्हें मैं क्यों श्राप दूँ? 1 और जिन्हें यहोवा ने धमकी नहीं दी उन्हें मैं कैसे धमकी दूँ? 1