उत्पत्ति 32:29
याकूब ने कहा, “मैं विनती करता हूँ, मुझे अपना नाम बता।” उसने कहा, “तू मेरा नाम क्यों पूछता है?” तब उसने उसको वहीं आशीर्वाद दिया।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 27:28परमेश्वर तुझे आकाश से ओस, 1 और भूमि की उत्तम से उत्तम उपज, 1 और बहुत सा अनाज और नया दाखमधु दे; 1
Genesis 28:13और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, “मैं यहोवा, तेरे दादा अब्राहम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूँ; जिस भूमि पर तू लेटा है, उसे मैं तुझको और तेरे वंश को दूँगा।
Genesis 35:10और परमेश्वर ने उससे कहा, “अब तक तो तेरा नाम याकूब रहा है; पर आगे को तेरा नाम याकूब न रहेगा, तू इस्राएल कहलाएगा + 35:10 तू इस्राएल कहलाएगा: नया नाम दिया जाना समुचित रूप से आत्मिक जीवन के नए किए जाने को व्यक्त करता है।।” इस प्रकार उसने उसका नाम इस्राएल रखा।
Deuteronomy 29:29“ गुप्त बातें हमारे परमेश्वर यहोवा के वश में हैं + 29:29 गुप्त बातें हमारे परमेश्वर यहोवा के वश में हैं: भविष्य में ये अच्छी और बुरी बातें अपना प्रभाव प्रगट करेंगी तो वह परमेश्वर के हाथ में है कि वह निर्णय ले। यह मनुष्य के क्षेत्र एवं दायित्व का नहीं हैं। हमें जो करना है वह परमेश्वर की प्रगट इच्छा है। ; परन्तु जो प्रगट की गई हैं वे सदा के लिये हमारे और हमारे वंश के वश में रहेंगी, इसलिए कि इस व्यवस्था की सब बातें पूरी की जाएँ।
1 Kings 18:31फिर एलिय्याह ने याकूब के पुत्रों की गिनती के अनुसार जिसके पास यहोवा का यह वचन आया था, “तेरा नाम इस्राएल होगा,” बारह पत्थर छाँटे,
1 Chronicles 1:34अब्राहम से इसहाक उत्पन्न हुआ। इसहाक के पुत्र: एसाव और इस्राएल। (मत्ती 1:2)