Genesis 32:30
तब याकूब ने यह कहकर उस स्थान का नाम पनीएल + 32:30 पनीएल: अर्थात् परमेश्वर का मुख। यह नाम दिए जाने का कारण इस पद में दिया हुआ है, “परमेश्वर को आमने-सामने देखने पर भी मेरा प्राण बच गया है।” रखा; “परमेश्वर को आमने-सामने देखने पर भी मेरा प्राण बच गया है।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
31पनीएल के पास से चलते-चलते सूर्य उदय हो गया, और वह जाँघ से लँगड़ाता था।
Cross References
Genesis 16:13तब उसने यहोवा का नाम जिसने उससे बातें की थीं, अत्ताएलरोई + 16:13 अत्ताएलरोई: अर्थात् तू वो परमेश्वर है जो मुझे देखता है। रखकर कहा, “क्या मैं यहाँ भी उसको जाते हुए देखने पाई और देखने के बाद भी जीवित रही?”
Genesis 35:9फिर याकूब के पद्दनराम से आने के पश्चात् परमेश्वर ने दूसरी बार उसको दर्शन देकर आशीष दी।
Exodus 33:14यहोवा ने कहा, “मैं आप चलूँगा और तुझे विश्राम दूँगा।”
Numbers 12:8उससे मैं गुप्त रीति से नहीं, परन्तु आमने-सामने और प्रत्यक्ष होकर + 12:8 आमने-सामने और प्रत्यक्ष होकर: मूसा सीधा परमेश्वर से वचन ग्रहण करता था न कि स्वप्न और दर्शन के माध्यम से। बातें करता हूँ; और वह यहोवा का स्वरूप निहारने पाता है। इसलिए तुम मेरे दास मूसा की निन्दा करते हुए क्यों नहीं डरे?”
Deuteronomy 34:10और मूसा के तुल्य इस्राएल में ऐसा कोई नबी नहीं उठा + 34:10 इस्राएल में ऐसा कोई नबी नहीं उठा: इसका संदर्भ विशेष करके मूसा द्वारा किए गए चमत्कारों से है जो उसने निर्गमन एवं जंगल में किए थे।, जिससे यहोवा ने आमने-सामने बातें की,
Judges 8:8वहाँ से वह पनूएल को गया, और वहाँ के लोगों से ऐसी ही बात कही; और पनूएल के लोगों ने सुक्कोत के लोगों का सा उत्तर दिया।