उत्पत्ति 47:27
इस्राएली मिस्र के गोशेन प्रदेश में रहने लगे; और वहाँ की भूमि उनके वश में थी + 47:27 वहाँ की भूमि उनके वश में थी: वे गोशेन की भूमि के स्वामी या किराएदार हो गए। इस्राएलियों को प्रजा के रूप में समझा गया और उन्हें स्वतंत्र लोगों के समान पूरे अधिकार थे।, और वे फूले-फले, और अत्यन्त बढ़ गए।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
28मिस्र देश में याकूब सत्रह वर्ष जीवित रहा इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।
Cross References
Genesis 8:7एक कौआ उड़ा दिया: जब तक जल पृथ्वी पर से सूख न गया, तब तक कौआ इधर-उधर फिरता रहा।
Genesis 13:16और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों के समान बहुत करूँगा, यहाँ तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
Genesis 26:4और मैं तेरे वंश को आकाश के तारागण के समान करूँगा; और मैं तेरे वंश को ये सब देश दूँगा, और पृथ्वी की सारी जातियाँ तेरे वंश के कारण अपने को धन्य मानेंगी। (उत्प. 15:5)
Genesis 46:3उसने कहा, “मैं परमेश्वर तेरे पिता का परमेश्वर हूँ, तू मिस्र में जाने से मत डर + 46:3 मत डर: इसका यह अर्थ है कि यह परमेश्वर की इच्छा में है कि वह मिस्र को जाए, और यह कि वहाँ वह सुरक्षित रहेगा।; क्योंकि मैं तुझ से वहाँ एक बड़ी जाति बनाऊँगा।
Exodus 1:12पर ज्यों-ज्यों वे उनको दुःख देते गए त्यों-त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिए वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए।
Deuteronomy 26:5तब तू अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार कहना, ‘ मेरा मूलपुरुष एक अरामी मनुष्य था + 26:5 मेरा मूलपुरुष एक अरामी मनुष्य था: संदर्भ प्रसंग के द्वारा याकूब से है कि वह मूलपुरुष था क्योंकि उसमें अब्राहम का परिवार एक जाति में विकसित होने लगा था। जो मरने पर था; और वह अपने छोटे से परिवार समेत मिस्र को गया, और वहाँ परदेशी होकर रहा; और वहाँ उससे एक बड़ी, और सामर्थी, और बहुत मनुष्यों से भरी हुई जाति उत्पन्न हुई।