Genesis 7:23
और क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगनेवाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, जो-जो भूमि पर थे, सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह, और जितने उसके संग जहाज में थे, वे ही बच गए।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
22जो-जो भूमि पर थे उनमें से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे।
24और जल पृथ्वी पर एक सौ पचास दिन तक प्रबल रहा।
Cross References
Genesis 7:21और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या जंगली पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी में बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए + 7:21 पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी में बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए: यहाँ सब के डूबकर मरने का ज़िक्र है। वे सब, जिनमें जीवन की आत्मा की श्वास थी, मर गए।।
Exodus 14:28और जल के पलटने से, जितने रथ और सवार इस्राएलियों के पीछे समुद्र में आए थे, वे सब वरन् फ़िरौन की सारी सेना उसमें डूब गई, और उसमें से एक भी न बचा।
Job 22:15क्या तू उस पुराने रास्ते को पकड़े रहेगा, 1 जिस पर वे अनर्थ करनेवाले चलते हैं? 1
Psalms 91:7तेरे निकट हजार, 1 और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; 1 परन्तु वह तेरे पास न आएगा। 1
Proverbs 11:4कोप के दिन धन से तो कुछ लाभ नहीं होता, 1 परन्तु धर्म मृत्यु से भी बचाता है। 1
Ezekiel 14:14तब चाहे उसमें नूह, दानिय्येल और अय्यूब + 14:14 नूह, दानिय्येल और अय्यूब: ये तीन मनुष्य असाधारण उदाहरण हैं जो अपनी स्वामी-भक्ति के कारण मनुष्यों पर आनेवाले विनाश से बचाए गये थे। ये तीनों पुरुष हों, तो भी वे अपने धार्मिकता के द्वारा केवल अपने ही प्राणों को बचा सकेंगे; प्रभु यहोवा की यही वाणी है।