Hebrews 2:6
वरन् किसी ने कहीं, यह गवाही दी है, 1 “मनुष्य क्या है, कि तू उसकी सुधि लेता है? 1 या मनुष्य का पुत्र क्या है, कि तू उस पर दृष्टि करता है? 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
5उसने उस आनेवाले जगत को जिसकी चर्चा हम कर रहे हैं, स्वर्गदूतों के अधीन न किया।
Cross References
Job 7:17मनुष्य क्या है कि तू उसे महत्त्व दे + 7:17 मनुष्य क्या है कि तू उसे महत्त्व दे: परमेश्वर की तुलना में मनुष्य इतना महत्वहीन है कि यह पूछा जा सकता है कि उसे अपनी आवश्यकताओं के लिए इतनी सावधानी से क्यों प्रदान करना चाहिए। उसके कल्याण के लिए इतना पर्याप्त प्रावधान क्यों करें?, 1 और अपना मन उस पर लगाए, 1
Job 25:6फिर मनुष्य की क्या गिनती जो कीड़ा है, 1 और आदमी कहाँ रहा जो केंचुआ है!”
Psalms 144:3हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, 1 या आदमी क्या है कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है? 1
Isaiah 40:17सारी जातियाँ उसके सामने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं।
Luke 1:68“प्रभु इस्राएल का परमेश्वर धन्य हो, 1 कि उसने अपने लोगों पर दृष्टि की 1 और उनका छुटकारा किया है, (भज. 111:9, भज. 41:13) 1
Luke 7:16इससे सब पर भय छा गया + 7:16 इससे सब पर भय छा गया: एक “भय” या गंभीरता उसकी उपस्थिति से जिसे मरे हुओं को जीवित करने की सामर्थ्य थी।; और वे परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, “हमारे बीच में एक बड़ा भविष्यद्वक्ता उठा है, और परमेश्वर ने अपने लोगों पर कृपादृष्टि की है।”