इब्रानियों 5:7
यीशु ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊँचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आँसू बहा-बहाकर उससे जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएँ और विनती की और भक्ति के कारण उसकी सुनी गई।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
6इसी प्रकार वह दूसरी जगह में भी कहता है, 1 “तू मलिकिसिदक की रीति पर 1 सदा के लिये याजक है।”
8और पुत्र होने पर भी, उसने दुःख उठा-उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
Cross References
Leviticus 2:2और वह उसको हारून के पुत्रों के पास जो याजक हैं लाए। और अन्नबलि के तेल मिले हुए मैदे में से इस तरह अपनी मुट्ठी भरकर निकाले कि सब लोबान उसमें आ जाए; और याजक उन्हें स्मरण दिलानेवाले भाग के लिये वेदी पर जलाए कि यह यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धित हवन ठहरे।
Psalms 18:19और उसने मुझे निकालकर चौड़े स्थान में पहुँचाया, 1 उसने मुझ को छुड़ाया, क्योंकि वह मुझसे प्रसन्न था। 1
Psalms 22:24क्योंकि उसने दुःखी को तुच्छ नहीं जाना 1 और न उससे घृणा करता है, 1 यहोवा ने उससे अपना मुख नहीं छिपाया; 1 पर जब उसने उसकी दुहाई दी, तब उसकी सुन ली। 1
Psalms 69:1हे परमेश्वर, मेरा उद्धार कर, मैं जल में डूबा जाता हूँ। 1
Psalms 88:1हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर यहोवा, 1 मैं दिन को और रात को तेरे आगे चिल्लाता आया हूँ। 1
Isaiah 53:3वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दुःखी पुरुष था, रोग से उसकी जान-पहचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हमने उसका मूल्य न जाना। (मर. 9:12)