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यशायाह 18:1

हाय, पंखों की फड़फड़ाहट से भरे हुए देश, तू जो कूश की नदियों के परे है;

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Woe to the land shadowing with wings, which is beyond the rivers of Ethiopia:

In Context

2और समुद्र पर दूतों को सरकण्डों की नावों में बैठाकर जल के मार्ग से यह कह के भेजता है, हे फुर्तीले दूतों, उस जाति के पास जाओ जिसके लोग बलिष्ठ और सुन्दर हैं, जो आदि से अब तक डरावने हैं, जो मापने और रौंदनेवाला भी हैं, और जिनका देश नदियों से विभाजित किया हुआ है।

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Cross References

Ruth 2:12यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है, तुझे पूरा प्रतिफल दे।”

Psalms 17:8अपनी आँखों की पुतली के समान सुरक्षित रख + 17:8 अपनी आँखों की पुतली के समान सुरक्षित रख: ऐसी देख-भाल कर, रक्षा कर, चौकसी कर जैसे वह उसकी अनमोल और बहुमूल्य वस्तु है।; 1 अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख, 1

Psalms 57:1हे परमेश्वर, मुझ पर दया कर, मुझ पर दया कर, 1 क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूँ; 1 और जब तक ये विपत्तियाँ निकल न जाएँ, 1 तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिए रहूँगा। 1

Psalms 63:7क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, 1 इसलिए मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूँगा + 63:7 मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूँगा: तेरे पंखों के नीचे या उनकी सुरक्षा में सुरक्षित रहूँगा।। 1

Isaiah 20:3तब यहोवा ने कहा, “जिस प्रकार मेरा दास यशायाह तीन वर्ष से उघाड़ा और नंगे पाँव चलता आया है, कि मिस्र और कूश के लिये चिन्ह और लक्षण हो,

Isaiah 31:1हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मिस्र को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्र की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं!

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