यशायाह 22:4
इस कारण मैंने कहा, “ मेरी ओर से मुँह फेर लो + 22:4 मेरी ओर से मुँह फेर लो: मुझसे आशा मत रखो, गहरे दु:ख का संकेत, क्योंकि दु:ख अकेलापन खोजता है, और विशाद सार्वजनिक चर्चा एवं सामने आने से बचता है। कि मैं बिलख-बिलख कर रोऊँ; मेरे नगर के सत्यानाश होने के शोक में मुझे शान्ति देने का यत्न मत करो।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Ruth 1:20उसने उनसे कहा, “मुझे नाओमी न कहो, मुझे मारा कहो, क्योंकि सर्वशक्तिमान ने मुझ को बड़ा दुःख दिया है।
Psalms 77:2संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; 1 रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, 1 मुझ में शान्ति आई ही नहीं + 77:2 मुझ में शान्ति आई ही नहीं: मुझे शान्ति देनेवाली जितनी बातें मेरे मन में उभरी उन सब को मैंने त्याग दिया।। 1
Isaiah 33:7देख, उनके शूरवीर बाहर चिल्ला रहे हैं; संधि के दूत बिलख-बिलख कर रो रहे हैं।
Jeremiah 6:26हे मेरी प्रजा कमर में टाट बाँध, और राख में लोट; जैसा एकलौते पुत्र के लिये विलाप होता है वैसा ही बड़ा शोकमय विलाप कर; क्योंकि नाश करनेवाला हम पर अचानक आ पड़ेगा। 1 यिर्मयाह एक परीक्षक के रूप में नियुक्त
Jeremiah 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आँखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे गए लोगों के लिये रोता रहता।
Jeremiah 31:15यहोवा यह भी कहता है: “सुन, रामाह नगर में विलाप और बिलक-बिलककर रोने का शब्द सुनने में आता है। राहेल अपने बालकों के लिये रो रही है; और अपने बालकों के कारण शान्त नहीं होती, क्योंकि वे नहीं रहे।” (मत्ती 2:18)