यशायाह 25:4
क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका दीवार पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
3इस कारण बलवन्त राज्य के लोग तेरी महिमा करेंगे; भयंकर जातियों के नगरों में तेरा भय माना जाएगा।
Cross References
Job 5:15परन्तु वह दरिद्रों को उनके वचनरुपी तलवार 1 से और बलवानों के हाथ से बचाता है। 1
Psalms 12:5दीन लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, 1 यहोवा कहता है, “अब मैं उठूँगा, जिस पर 1 वे फुँकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूँगा।” 1
Psalms 72:4वह प्रजा के दीन लोगों का न्याय करेगा, और दरिद्र लोगों को बचाएगा; 1 और अत्याचार करनेवालों को चूर करेगा + 72:4 अत्याचार करनेवालों को चूर करेगा: जो मनुष्यों पर अत्याचार करते हैं उन्हें वह दबा देगा या नष्ट कर देगा। । (यशा. 11:4) 1
Psalms 91:1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, 1 वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। 1
Psalms 119:31मैं तेरी चितौनियों में लौलीन हूँ, 1 हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे! 1
Isaiah 4:6वह दिन को धूप से बचाने के लिये और आँधी–पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।