यशायाह 4:6
वह दिन को धूप से बचाने के लिये और आँधी–पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Psalms 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने 1 मण्डप में छिपा रखेगा; 1 अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, 1 और चट्टान पर चढ़ाएगा। (भज. 91:1, भज. 40:2, भज. 138:7) 1
Psalms 121:5यहोवा तेरा रक्षक है; 1 यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है। 1
Isaiah 8:14और वह शरणस्थान होगा + 8:14 वह शरणस्थान होगा: यहाँ शरणस्थान का मूल अर्थ है पवित्रस्थान, एक अभिषिक्त स्थान जिसका उपयोग प्रायः मिलापवाले तम्बू के लिए किया जाता था या शरणस्थान के लिए जहाँ संकट के समय कोई भाग जाए।, परन्तु इस्राएल के दोनों घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फंदा और जाल होगा। (रोम. 9:32,33)
Isaiah 30:30और यहोवा अपनी प्रतापीवाणी सुनाएगा, और अपना क्रोध भड़काता और आग की लौ से भस्म करता हुआ, और प्रचण्ड आँधी और अति वर्षा और ओलों के साथ अपना भुजबल दिखाएगा। (भज. 18:13,14)
Isaiah 32:18मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे।
Matthew 7:24“इसलिए जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य के समान ठहरेगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया।