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यशायाह 31:5

पंख फैलाई हुई चिड़ियों के समान सेनाओं का यहोवा यरूशलेम की रक्षा करेगा; वह उसकी रक्षा करके बचाएगा, और उसको बिन छूए ही उद्धार करेगा।”

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

As birds flying, so will the LORD of hosts defend Jerusalem; defending also he will deliver it; and passing over he will preserve it.

In Context

4फिर यहोवा ने मुझसे यह कहा, “जिस प्रकार सिंह या जवान सिंह + 31:4 जवान सिंह: एक शक्तिशाली भयानक शेर यह दो शेरों का उपयोग तुलना की प्रबलता एवं बल के लिए है। जब अपने अहेर पर गुर्राता हो, और चरवाहे इकट्ठे होकर उसके विरुद्ध बड़ी भीड़ लगाएँ, तो भी वह उनके बोल से न घबराएगा और न उनके कोलाहल के कारण दबेगा, उसी प्रकार सेनाओं का यहोवा, सिय्योन पर्वत और यरूशलेम की पहाड़ी पर, युद्ध करने को उतरेगा।

6हे इस्राएलियों, जिसके विरुद्ध तुम ने भारी बलवा किया है, उसी की ओर फिरो + 31:6 फिरो: मन फिराओ। मनुष्यों के लिए यह हर समय परमेश्वर की पुकार है।।

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Cross References

Exodus 12:27तब तुम उनको यह उत्तर देना, ‘यहोवा ने जो मिस्रियों के मारने के समय मिस्र में रहनेवाले हम इस्राएलियों के घरों को छोड़कर हमारे घरों को बचाया, इसी कारण उसके फसह का यह बलिदान किया जाता है।’” तब लोगों ने सिर झुकाकर दण्डवत् किया।

Deuteronomy 32:11जैसे उकाब अपने घोंसले को हिला-हिलाकर 1 अपने बच्चों के ऊपर-ऊपर मण्डराता है, 1 वैसे ही उसने अपने पंख फैलाकर उसको अपने परों पर उठा लिया। 1

Psalms 37:40यहोवा उनकी सहायता करके उनको बचाता है; 1 वह उनको दुष्टों से छुड़ाकर उनका उद्धार करता है, 1 इसलिए कि उन्होंने उसमें अपनी शरण ली है।

Psalms 46:6जाति-जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य-राज्य 1 के लोग डगमगाने लगे; 1 वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। (प्रका. 11:18, भज. 2:1) 1

Isaiah 10:14देश-देश के लोगों की धन-सम्पत्ति, चिड़ियों के घोंसलों के समान, मेरे हाथ आई है, और जैसे कोई छोड़े हुए अण्डों को बटोर ले वैसे ही मैंने सारी पृथ्वी को बटोर लिया है; और कोई पंख फड़फड़ाने या चोंच खोलने या चीं-चीं करनेवाला न था।”

Isaiah 37:35क्योंकि मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त, इस नगर की रक्षा करके उसे बचाऊँगा + 37:35 इस नगर की रक्षा करके उसे बचाऊँगा: हिजकिय्याह ने उस नगर की सुरक्षा के लिए जो कुछ भी किया था उसके उपरान्त भी यहोवा ही है जो उसको सुरक्षित रख सकता है। ।” 1 सन्हेरीब की हार और मृत्यु

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