यशायाह 33:2
हे यहोवा, हम लोगों पर अनुग्रह कर; हम तेरी ही बाट जोहते हैं। भोर को तू उनका भुजबल, संकट के समय हमारा उद्धारकर्ता ठहर।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
3हुल्लड़ सुनते ही देश-देश के लोग भाग गए, तेरे उठने पर अन्यजातियाँ तितर-बितर हुई।
Cross References
Psalms 25:3वरन् जितने तेरी बाट जोहते हैं उनमें से कोई 1 लज्जित न होगा; 1 परन्तु जो अकारण विश्वासघाती हैं वे ही 1 लज्जित होंगे। 1
Psalms 33:22हे यहोवा, जैसी तुझ पर हमारी आशा है, 1 वैसी ही तेरी करुणा भी हम पर हो।
Psalms 46:1परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, 1 संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक + 46:1 संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक: यहाँ सहायक अर्थात्, सहयोग एवं सहकारिता। संकट: अर्थात् तनाव और दुःख देनेवाली सब परिस्थितियाँ। । 1
Psalms 50:15और संकट के दिन मुझे पुकार; 1 मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।” 1
Psalms 62:1सचमुच मैं चुपचाप होकर परमेश्वर की ओर मन लगाए हूँ 1 मेरा उद्धार उसी से होता है। 1
Psalms 62:8हे लोगों, हर समय उस पर भरोसा रखो; 1 उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो + 62:8 उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो: यहाँ अंतर्निहित विचार है कि मन कोमल एवं मुलायम हो जाए कि उसकी भावनाएँ और इच्छाएँ पानी के सदृश्य बहने लगें।; 1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान है। (सेला) 1