यशायाह 38:3
“हे यहोवा, मैं विनती करता हूँ, स्मरण कर कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूँ और जो तेरी दृष्टि में उचित था वही करता आया हूँ।” और हिजकिय्याह बिलख-बिलख कर रोने लगा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
4तब यहोवा का यह वचन यशायाह के पास पहुँचा,
Cross References
Genesis 6:9नूह की वंशावली यह है। नूह + 6:9 नूह: यहाँ नूह का चित्रण “धर्मी” और “खरे” पुरुष के रूप में किया है। यह स्मरण रखें कि पहले ही से उस पर परमेश्वर के अनुग्रह की दृष्टि बनी थी। धर्मी पुरुष और अपने समय के लोगों में खरा था; और नूह परमेश्वर ही के साथ-साथ चलता रहा।
Deuteronomy 6:18और जो काम यहोवा की दृष्टि में ठीक और सुहावना है वही किया करना, जिससे कि तेरा भला हो, और जिस उत्तम देश के विषय में यहोवा ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाई उसमें तू प्रवेश करके उसका अधिकारी हो जाए,
1 Kings 2:4और यहोवा अपना वह वचन पूरा करे + 2:4 यहोवा अपना वह वचन पूरा करे: नातान द्वारा दाऊद को दिया गया वचन, दाऊद सुलैमान को इसका स्मरण कराता है कि उस पर विश्वासयोग्यता और आज्ञाकारिता में स्थिर रहने का उद्देश्य सप्रभाव प्रगट करे। जो उसने मेरे विषय में कहा था, ‘यदि तेरी सन्तान अपनी चाल के विषय में ऐसे सावधान रहें, कि अपने सम्पूर्ण हृदय और सम्पूर्ण प्राण से सच्चाई के साथ नित मेरे सम्मुख चलते रहें तब तो इस्राएल की राजगद्दी पर विराजनेवाले की, तेरे कुल परिवार में घटी कभी न होगी।’
2 Kings 18:3जैसे उसके मूलपुरुष दाऊद ने किया था जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है वैसा ही उसने भी किया।
1 Chronicles 29:9तब प्रजा के लोग आनन्दित हुए, क्योंकि हाकिमों ने प्रसन्न होकर खरे मन और अपनी-अपनी इच्छा से यहोवा के लिये भेंट दी थी; और दाऊद राजा बहुत ही आनन्दित हुआ। 1 दाऊद द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद
2 Chronicles 16:9देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिए फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपनी सामर्थ्य दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिए अब से तू लड़ाइयों में फँसा रहेगा + 16:9 अब से तू लड़ाइयों में फँसा रहेगा: आसा के आरम्भिक विश्वास का प्रतिफल शान्ति थी (2 इतिहास 4:5; 2 इतिहास. 15:5) परन्तु अब उसके विश्वास की कमी का परिणाम युद्ध और अशान्ति का दण्ड होगा। ।”