यशायाह 44:18
वे कुछ नहीं जानते, न कुछ समझ रखते हैं; क्योंकि उनकी आँखें ऐसी बन्द की गई हैं कि वे देख नहीं सकते; और उनकी बुद्धि ऐसी कि वे बूझ नहीं सकते।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Psalms 92:6पशु समान मनुष्य इसको नहीं समझता, 1 और मूर्ख इसका विचार नहीं करता: 1
Proverbs 28:5बुरे लोग न्याय को नहीं समझ सकते, 1 परन्तु यहोवा को ढूँढ़नेवाले सब कुछ समझते हैं। 1
Isaiah 6:9उसने कहा, “जा, और इन लोगों से कह, ‘सुनते ही रहो, परन्तु न समझो; देखते ही रहो, परन्तु न बूझो।’
Isaiah 29:10यहोवा ने तुम को भारी नींद में डाल दिया है और उसने तुम्हारी नबीरूपी आँखों को बन्द कर दिया है और तुम्हारे दर्शीरूपी सिरों पर परदा डाला है। (रोम. 11:8)
Isaiah 44:20वह राख खाता है + 44:20 वह राख खाता है: इसका अर्थ है कि मूर्तिपूजा करके उनकी मनोकामना पूरी नहीं होगी। यह ऐसा है जैसे मनुष्य भोजन की खोज करे और अन्ततः वह भोजन राख निगले।; भरमाई हुई बुद्धि के कारण वह भटकाया गया है और वह न अपने को बचा सकता और न यह कह सकता है, “क्या मेरे दाहिने हाथ में मिथ्या नहीं?” 1 परमेश्वर इस्राएल को नहीं भुला
Isaiah 46:7वे उसको कंधे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दुहाई भी दे, तो भी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।