Isaiah 48:13
निश्चय मेरे ही हाथ ने पृथ्वी की नींव डाली, और मेरे ही दाहिने हाथ ने आकाश फैलाया; जब मैं उनको बुलाता हूँ + 48:13 जब मैं उनको बुलाता हूँ: यहाँ निहितार्थ है कि जिसके पास स्वर्ग की सेना को आज्ञा देने और उसके वचन के द्वारा सिद्ध आज्ञाकारिता का अधिकार है, उसमें अपनी प्रजा की रक्षा करने का सामर्थ्य भी है। , वे एक साथ उपस्थित हो जाते हैं।” (इब्रा. 1:10)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Job 37:18फिर क्या तू उसके साथ आकाशमण्डल को तान सकता है, 1 जो ढाले हुए दर्पण के तुल्य दृढ़ है? 1
Psalms 119:89हे यहोवा, तेरा वचन, 1 आकाश में सदा तक स्थिर रहता है। 1
Psalms 148:5वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, 1 क्योंकि उसने आज्ञा दी और ये सिरजे गए + 148:5 उसने आज्ञा दी और ये सिरजे गए: उसने अपने शब्द के उच्चारण द्वारा ही अपना सामर्थ्य प्रगट किया और वे तत्काल ही अस्तित्व में आए। । 1
Isaiah 40:22यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल के समान फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है;
Isaiah 42:5परमेश्वर जो आकाश का सृजने और ताननेवाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलानेवाला और उस पर के लोगों को साँस और उस पर के चलनेवालों को आत्मा देनेवाला यहोवा है, वह यह कहता है:
Isaiah 45:18क्योंकि यहोवा जो आकाश का सृजनहार है, वही परमेश्वर है; उसी ने पृथ्वी को रचा और बनाया, उसी ने उसको स्थिर भी किया; उसने उसे सुनसान रहने के लिये नहीं परन्तु बसने के लिये उसे रचा है। वही यह कहता है, “मैं यहोवा हूँ, मेरे सिवाय दूसरा और कोई नहीं है।