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यशायाह 51:17

हे यरूशलेम जाग! जाग उठ! खड़ी हो जा, तूने यहोवा के हाथ से उसकी जलजलाहट के कटोरे में से पिया है + 51:17 तूने यहोवा के हाथ से उसकी जलजलाहट के कटोरे में से पिया है: यहोवा के क्रोध की तुलना नशा उत्पन्न करनेवाले कटोरे से बार बार की गई है। कारण है कि उसका प्रभाव वैसा ही है। वह अशक्त बनाता है और उसके पात्र को लड़खड़ाता और चकराकर गिरा देता है।, तूने कटोरे का लड़खड़ा देनेवाला मद पूरा-पूरा ही पी लिया है। (प्रका. 14:10, 1 कुरि. 15:34)

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Awake, awake, stand up, O Jerusalem, which hast drunk at the hand of the LORD the cup of his fury; thou hast drunken the dregs of the cup of trembling, and wrung them out.

In Context

16मैंने तेरे मुँह में अपने वचन डाले, और तुझे अपने हाथ की आड़ में छिपा रखा है; कि मैं आकाश को तानूँ और पृथ्वी की नींव डालूँ, और सिय्योन से कहूँ, ‘तुम मेरी प्रजा हो।’” (यिर्म. 31:33, इब्रा. 8:10) 1 परमेश्वर के रोष का अन्त

18जितने लड़कों ने उससे जन्म लिया उनमें से कोई न रहा जो उसकी अगुआई करके ले चले; और जितने लड़के उसने पाले-पोसे उनमें से कोई न रहा जो उसके हाथ को थाम ले।

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Cross References

Deuteronomy 28:34यहाँ तक कि तू उन बातों के कारण जो अपनी आँखों से देखेगा पागल हो जाएगा।

Job 21:20दुष्ट अपना नाश अपनी ही आँखों से देखे, 1 और सर्वशक्तिमान की जलजलाहट में से आप पी ले। (भज. 75:8) 1

Psalms 60:3तूने अपनी प्रजा को कठिन समय दिखाया; 1 तूने हमें लड़खड़ा देनेवाला दाखमधु पिलाया है + 60:3 तूने हमें लड़खड़ा देनेवाला दाखमधु पिलाया है: कहने का अर्थ है कि उनकी दशा ऐसी है जैसे कि परमेश्वर ने उन्हें नशीले पदार्थ का कटोरा पिला दिया है, जिसके कारण वे स्थिर खड़े नहीं हो पा रहे है। । 1

Psalms 75:8यहोवा के हाथ में एक कटोरा है, जिसमें का दाखमधु झागवाला है; 1 उसमें मसाला मिला है + 75:8 उसमें मसाला मिला है: कहने का अर्थ है कि परमेश्वर का क्रोध एक मदिरा के सदृश्य है जिसका नशा बढ़ाया गया हो। , और वह उसमें से उण्डेलता है, 1 निश्चय उसकी तलछट तक पृथ्वी के सब दुष्ट लोग पी जाएँगे। (यिर्म. 25:15, प्रका. 14:10, प्रका. 16:19) 1

Isaiah 40:2यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उससे पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है। (प्रका. 1:5)

Isaiah 52:1हे सिय्योन, जाग, जाग! अपना बल धारण कर + 52:1 अपना बल धारण कर: बल काम में ले, शक्तिशाली हो, निर्भीक हो, आत्म-विश्वास रख, निराशा से उभर आ और ऐसा उत्साह रख जैसे कि सफलता का काम करने जा रहा है। ; हे पवित्र नगर यरूशलेम, अपने शोभायमान वस्त्र पहन ले; क्योंकि तेरे बीच खतनारहित और अशुद्ध लोग फिर कभी प्रवेश न करने पाएँगे। (प्रका. 21:2,10,27)

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