यशायाह 52:5
इसलिए यहोवा की यह वाणी है कि मैं अब यहाँ क्या करूँ जबकि मेरी प्रजा सेंत-मेंत हर ली गई है? यहोवा यह भी कहता है कि जो उन पर प्रभुता करते हैं वे ऊधम मचा रहे हैं, और मेरे नाम कि निन्दा लगातार दिन भर होती रहती है। (यहे. 36:20-23, रोम. 2:24)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 1:13तो भी मिस्रियों ने इस्राएलियों से कठोरता के साथ सेवा करवाई;
Exodus 3:7फिर यहोवा ने कहा, “मैंने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दुःख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम करानेवालों के कारण होती है उसको भी मैंने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैंने चित्त लगाया है;
Psalms 44:12तू अपनी प्रजा को सेंत-मेंत बेच डालता है, 1 परन्तु उनके मोल से तू धनी नहीं होता। 1
Psalms 74:10हे परमेश्वर द्रोही कब तक नामधराई करता रहेगा? 1 क्या शत्रु, तेरे नाम की निन्दा सदा करता रहेगा? 1
Psalms 74:22हे परमेश्वर, उठ, अपना मुकद्दमा आप ही लड़; 1 तेरी जो नामधराई मूर्ख द्वारा दिन भर होती रहती है, उसे स्मरण कर। 1
Isaiah 22:16‘यहाँ तू क्या करता है? और यहाँ तेरा कौन है कि तूने अपनी कब्र यहाँ खुदवाई है? तू अपनी कब्र ऊँचे स्थान में खुदवाता और अपने रहने का स्थान चट्टान में खुदवाता है?