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यशायाह 56:2

क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रामदिन को पवित्र मानता और अपवित्र करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भाँति की बुराई करने से रोकता है।”

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Blessed is the man that doeth this, and the son of man that layeth hold on it; that keepeth the sabbath from polluting it, and keepeth his hand from doing any evil.

In Context

1यहोवा यह कहता है, “न्याय का पालन करो, और धर्म के काम करो; क्योंकि मैं शीघ्र तुम्हारा उद्धार करूँगा, और मेरा धर्मी होना प्रगट होगा।

3जो परदेशी यहोवा से मिल गए हैं, वे न कहें, “यहोवा हमें अपनी प्रजा से निश्चय अलग करेगा;” और खोजे भी न कहें, “ हम तो सूखे वृक्ष हैं + 56:3 हम तो सूखे वृक्ष हैं: सूखा वृक्ष ऊसर, अनुपयोगी और फलहीन दशा दर्शाता है। यहाँ कहने का अर्थ है कि अब से आगे वे धार्मिक एवं नागरिक अयोग्यताओं के अधीन नहीं होंगे जिसके अधीन वे अब तक रहे।।”

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Cross References

Exodus 20:8“तू विश्रामदिन को पवित्र मानने के लिये स्मरण रखना + 20:8 विश्रामदिन को .... स्मरण रखना: शब्द स्मरण रखना का अभिप्राय अपने मन में रखना भी हो सकता है।।

Exodus 31:13“तू इस्राएलियों से यह भी कहना, ‘निश्चय तुम मेरे विश्रामदिनों को मानना, क्योंकि तुम्हारी पीढ़ी-पीढ़ी में मेरे और तुम लोगों के बीच यह एक चिन्ह ठहरा है, जिससे तुम यह बात जान रखो कि यहोवा हमारा पवित्र करनेवाला है।

Nehemiah 13:17तब मैंने यहूदा के रईसों को डाँटकर कहा, “तुम लोग यह क्या बुराई करते हो, जो विश्रामदिन को अपवित्र करते हो?

Psalms 15:1हे यहोवा तेरे तम्बू में कौन रहेगा? 1 तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा? 1

Psalms 37:27बुराई को छोड़ भलाई कर; 1 और तू सर्वदा बना रहेगा। 1

Psalms 112:1यहोवा की स्तुति करो! 1 क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है, 1 और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है! 1

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