यशायाह 63:15
स्वर्ग से, जो तेरा पवित्र और महिमापूर्ण वासस्थान है, दृष्टि कर + 63:15 स्वर्ग से, .... दृष्टि कर: यह एक हार्दिक विनती का आरम्भ है कि परमेश्वर उनकी वर्तमान आपदाओं और उनके कष्टों में उन पर दया करे। वे उससे निवेदन करते हैं, कि वह अपनी पूर्वकालिक दया को स्मरण करके लौट आए और उन्हें आशीषित करे।। तेरी जलन और पराक्रम कहाँ रहे? तेरी दया और करुणा मुझ पर से हट गई हैं।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
1 Kings 8:27“क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन् सबसे ऊँचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में कैसे समाएगा। (प्रेरि. 17:24)
Psalms 25:6हे यहोवा, अपनी दया और करुणा के कामों को स्मरण कर; 1 क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं। 1
Psalms 77:7“क्या प्रभु युग-युग के लिये मुझे छोड़ देगा; 1 और फिर कभी प्रसन्न न होगा? 1
Psalms 80:14हे सेनाओं के परमेश्वर, फिर आ + 80:14 फिर आ: संदर्भ से प्रगट होता है कि परमेश्वर उस देश से दूर हो गया है या उसे त्याग दिया है, उसने अपने लोगों को बिना रक्षक छोड़ दिया और खूंखार विदेशी शत्रुओं द्वारा संहार के लिए रख दिया है। ! 1 स्वर्ग से ध्यान देकर देख, और इस दाखलता की सुधि ले, 1
Psalms 89:49हे प्रभु, तेरी प्राचीनकाल की करुणा कहाँ रही + 89:49 तेरी प्राचीनकाल की करुणा कहाँ रही: तेरी दया, तेरी प्रतिज्ञाएँ, तेरी शपथ। तूने दाऊद से जो प्रतिज्ञाएँ की थीं वे कहाँ हैं? क्या वे पूरी हो गई? या वे भुलाई जा चुकी हैं और अमान्य हो गई हैं?, 1 जिसके विषय में तूने अपनी सच्चाई की शपथ दाऊद से खाई थी? 1
Psalms 113:5हमारे परमेश्वर यहोवा के तुल्य कौन है? 1 वह तो ऊँचे पर विराजमान है, 1