यशायाह 64:7
कोई भी तुझ से प्रार्थना नहीं करता, न कोई तुझ से सहायता लेने के लिये चौकसी करता है कि तुझ से लिपटा रहे; क्योंकि हमारे अधर्म के कामों के कारण तूने हम से अपना मुँह छिपा लिया है, और हमें हमारी बुराइयों के वश में छोड़ दिया है।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 32:12मिस्री लोग यह क्यों कहने पाएँ, ‘वह उनको बुरे अभिप्राय से, अर्थात् पहाड़ों में घात करके धरती पर से मिटा डालने की मनसा से निकाल ले गया?’ तू अपने भड़के हुए कोप को शान्त कर, और अपनी प्रजा को ऐसी हानि पहुँचाने से फिर जा।
Deuteronomy 32:19“इन बातों को देखकर यहोवा ने उन्हें तुच्छ जाना, 1 क्योंकि उसके बेटे-बेटियों ने उसे रिस दिलाई थी। 1
Job 10:9स्मरण कर, कि तूने मुझ को गुँधी हुई मिट्टी के समान बनाया, 1 क्या तू मुझे फिर धूल में मिलाएगा? 1
Psalms 100:3निश्चय जानो कि यहोवा ही परमेश्वर है 1 उसी ने हमको बनाया, और हम उसी के हैं; 1 हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं + 100:3 हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं: जिस प्रकार एक चरवाहा अपने वृन्द का स्वामी होता है, जिस प्रकार चरवाहा अपने वृन्द की रक्षा करता है और उनके लिए प्रावधान करता है, उसी प्रकार परमेश्वर हमारी रक्षा करता है और हमारी सुधि लेता है।। 1
Isaiah 27:5या मेरे साथ मेल करने को वे मेरी शरण लें, वे मेरे साथ मेल कर लें।
Isaiah 50:2इसका क्या कारण है कि जब मैं आया तब कोई न मिला? और जब मैंने पुकारा, तब कोई न बोला? क्या मेरा हाथ ऐसा छोटा हो गया है कि छुड़ा नहीं सकता? क्या मुझ में उद्धार करने की शक्ति नहीं? देखो, मैं एक धमकी से समुद्र को सूखा देता हूँ, मैं महानदों को रेगिस्तान बना देता हूँ; उनकी मछलियाँ जल बिना मर जाती और बसाती हैं।