यिर्मयाह 49:4
हे भटकनेवाली बेटी! तू अपने देश की तराइयों पर, विशेषकर अपने बहुत ही उपजाऊ तराई पर क्यों फूलती है? तू क्यों यह कहकर अपने रखे हुए धन पर भरोसा रखती है, ‘मेरे विरुद्ध कौन चढ़ाई कर सकेगा?’
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Psalms 52:7“देखो, यह वही पुरुष है जिसने परमेश्वर को 1 अपनी शरण नहीं माना, 1 परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, 1 और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!” 1
Proverbs 10:15धनी का धन उसका दृढ़ नगर है, 1 परन्तु कंगाल की निर्धनता उसके विनाश का कारण हैं। 1
Isaiah 47:7तूने कहा, “मैं सर्वदा स्वामिनी बनी रहूँगी,” इसलिए तूने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।
Jeremiah 7:24पर उन्होंने मेरी न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया; वे अपनी ही युक्तियों और अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे और पीछे हट गए पर आगे न बढ़े।
Jeremiah 21:13“हे तराई में रहनेवाली और समथर देश की चट्टान; तुम जो कहते हो, ‘हम पर कौन चढ़ाई कर सकेगा, और हमारे वासस्थान में कौन प्रवेश कर सकेगा?’ यहोवा कहता है कि मैं तुम्हारे विरुद्ध हूँ।
Jeremiah 49:16हे चट्टान की दरारों में बसे हुए, हे पहाड़ी की चोटी पर किला बनानेवाले! तेरे भयानक रूप और मन के अभिमान ने तुझे धोखा दिया है। चाहे तू उकाब के समान अपना बसेरा ऊँचे स्थान पर बनाए, तो भी मैं वहाँ से तुझे उतार लाऊँगा, यहोवा की यही वाणी है।