Job 21:15
सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? 1 और यदि हम उससे विनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?’ 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
What is the Almighty, that we should serve him? and what profit should we have, if we pray unto him?
In Context
14तो भी वे परमेश्वर से कहते थे, ‘हम से दूर हो! 1 तेरी गति जानने की हमको इच्छा नहीं है। 1
16देखो, उनका कुशल उनके हाथ में नहीं रहता, 1 दुष्ट लोगों का विचार मुझसे दूर रहे। 1
Cross References
Exodus 5:2फ़िरौन ने कहा, “यहोवा कौन है कि मैं उसका वचन मानकर इस्राएलियों को जाने दूँ? मैं यहोवा को नहीं जानता + 5:2 मैं यहोवा को नहीं जानता: या तो फ़िरौन ने यहोवा का नाम नहीं सुना था, या वह उसे परमेश्वर के रूप में नहीं पहचानता था।, और मैं इस्राएलियों को नहीं जाने दूँगा।”
Job 34:9उसने तो कहा है, ‘मनुष्य को इससे कुछ लाभ नहीं 1 कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।’ 1
Psalms 12:4वे कहते हैं, “हम अपनी जीभ ही से जीतेंगे, 1 हमारे होंठ हमारे ही वश में हैं; हम पर कौन शासन कर सकेगा?” 1
Proverbs 30:9ऐसा न हो कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार करके कहूँ कि यहोवा कौन है? 1 या निर्धन होकर चोरी करूँ, 1 और परमेश्वर के नाम का अनादर करूँ। 1
Isaiah 45:19मैंने न किसी गुप्त स्थान में, न अंधकार देश के किसी स्थान में बातें की; मैंने याकूब के वंश से नहीं कहा, ‘ मुझे व्यर्थ में ढूँढ़ो + 45:19 मुझे व्यर्थ में ढूँढ़ो: कहने का अर्थ है कि परमेश्वर की सेवा करना व्यर्थ और निरर्थक नहीं रहा है क्योंकि वह उनका रक्षक एवं मित्र रहा है और उनका उसके निकट जाकर अपनी आवश्यकताएँ प्रस्तुत करना व्यर्थ नहीं था।।’ मैं यहोवा सत्य ही कहता हूँ, मैं उचित बातें ही बताता हूँ।
Malachi 1:13फिर तुम यह भी कहते हो, ‘ यह कैसा बड़ा उपद्रव है + 1:13 यह कैसा बड़ा उपद्रव है: परमेश्वर की सेवा का अपना प्रतिफल है अन्यथा वह एक घोर परिश्रम है जिसमें सांसारिक वस्तुओं की तुलना में प्रतिफल कम है। हमारा एकमात्र चुनाव प्रेम और बोझ के मध्य है। !’ सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लँगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूँ? यहोवा का यही वचन है।