योना 1:14
तब उन्होंने यहोवा को पुकारकर कहा, “हे यहोवा हम विनती करते हैं, कि इस पुरुष के प्राण के बदले हमारा नाश न हो, और न हमें निर्दोष की हत्या का दोषी ठहरा; क्योंकि हे यहोवा, जो कुछ तेरी इच्छा थी वही तूने किया है।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
15तब उन्होंने योना को उठाकर समुद्र में फेंक दिया; और समुद्र की भयानक लहरें थम गईं।
Cross References
Genesis 9:6जो कोई मनुष्य का लहू बहाएगा उसका लहू मनुष्य ही से बहाया जाएगा क्योंकि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरूप के अनुसार बनाया है। (लैव्य. 24:17)
Psalms 107:28तब वे संकट में यहोवा की दुहाई देते हैं, 1 और वह उनको सकेती से निकालता है। 1
Psalms 135:6जो कुछ यहोवा ने चाहा 1 उसे उसने आकाश और पृथ्वी और समुद्र 1 और सब गहरे स्थानों में किया है। 1
Daniel 4:34उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आँखें स्वर्ग की ओर उठाई, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैंने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कहकर करने लगा: 1 उसकी प्रभुता सदा की है 1 और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तब बना रहनेवाला है। (भज. 145:13, 1 तीमु. 1:17) 1
Jonah 1:16तब उन मनुष्यों ने यहोवा का बहुत ही भय माना, और उसको भेंट चढ़ाई + 1:16 उसको भेंट चढ़ाई: निःसन्देह वह एक बड़ा जहाज था जो लम्बी यात्रा पर था उनके पास जीवित प्राणी भी थे जिनकी वे बलि दे सकते थे। परन्तु उनकी कृतज्ञता यही समाप्त नहीं हुई, उन्होंने मन्नतें भी मानी। और मन्नतें मानीं।
Acts 28:4जब उन निवासियों ने साँप को उसके हाथ में लटके हुए देखा, तो आपस में कहा, “सचमुच यह मनुष्य हत्यारा है, कि यद्यपि समुद्र से बच गया, तो भी न्याय ने जीवित रहने न दिया।”