Jonah 3:10
जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया + 3:10 उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया: यहाँ पर यहोवा की चेतावनी का उद्देश्य था कि वह जो चेतावनी दे रहा है उसे करना न पड़े।।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
1 Kings 21:27एलिय्याह के ये वचन सुनकर अहाब ने अपने वस्त्र फाड़े, और अपनी देह पर टाट लपेटकर उपवास करने और टाट ही ओढ़े पड़ा रहने लगा, और दबे पाँवों चलने लगा।
Job 33:27वह मनुष्यों के सामने गाने और कहने लगता है, 1 ‘मैंने पाप किया, और सच्चाई को उलट-पुलट कर दिया, 1 परन्तु उसका बदला मुझे दिया नहीं गया। 1
Jeremiah 18:7जब मैं किसी जाति या राज्य के विषय कहूँ कि उसे उखाड़ूँगा या ढा दूँगा अथवा नाश करूँगा,
Jeremiah 31:18निश्चय मैंने एप्रैम को ये बातें कहकर विलाप करते सुना है, ‘तूने मेरी ताड़ना की, और मेरी ताड़ना ऐसे बछड़े की सी हुई जो निकाला न गया हो; परन्तु अब तू मुझे फेर, तब मैं फिरूँगा, क्योंकि तू मेरा परमेश्वर है।
Amos 7:3इसके विषय में यहोवा पछताया, और उससे कहा, “ऐसी बात अब न होगी।” 1 आग
Jonah 4:2और उसने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की + 4:2 उसने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की: की योना कम से कम यहोवा पर कुड़कुड़ाया तो भी उसने परमेश्वर से अपने ही बारे में कहा , “हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैंने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, और विलम्ब से कोप करनेवाला करुणानिधान है, और दुःख देने से प्रसन्न नहीं होता।