विलापगीत 1:17
सिय्योन हाथ फैलाए हुए है + 1:17 सिय्योन हाथ फैलाए हुए है: वह प्रार्थना करता है परन्तु सिय्योन की विनती व्यर्थ है। उसे शान्ति देनेवाला कोई नहीं है, परमेश्वर भी नहीं क्योंकि उसे दण्ड देनेवाला वही है; न मनुष्य है क्योंकि उसके सब पड़ोसी देश उसके शत्रु हो गये हैं।, उसे कोई शान्ति नहीं देता; 1 यहोवा ने याकूब के विषय में यह आज्ञा दी है कि उसके चारों ओर के निवासी उसके द्रोही हो जाएँ; 1 यरूशलेम उनके बीच अशुद्ध स्त्री के समान हो गई है। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Leviticus 15:19“फिर जब कोई स्त्री ऋतुमती रहे, तो वह सात दिन तक अशुद्ध ठहरी रहे, और जो कोई उसको छूए वह साँझ तक अशुद्ध रहे।
1 Kings 8:38तब यदि कोई मनुष्य या तेरी प्रजा इस्राएल अपने-अपने मन का दुःख जान लें + 8:38 अपने-अपने मन का दुःख जान लें: अपने कष्ट को पाप के लिये परमेश्वर की ताड़ना मान ले।, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाए;
2 Kings 25:1सिदकिय्याह ने बाबेल के राजा से बलवा किया। उसके राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने के दसवें दिन को बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी पूरी सेना लेकर यरूशलेम पर चढ़ाई की, और उसको घेर लिया और उसके चारों ओर पटकोटा बनाए।
Isaiah 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुख फेर लूँगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तो भी मैं तुम्हारी न सुनूँगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं। (नीति. 1:28, मीका 3:4)
Jeremiah 4:31क्योंकि मैंने जच्चा का शब्द, पहलौठा जनती हुई स्त्री की सी चिल्लाहट सुनी है, यह सिय्योन की बेटी का शब्द है, जो हाँफती और हाथ फैलाए हुए यह कहती है, “हाय मुझ पर, मैं हत्यारों के हाथ पड़कर मूर्छित हो चली हूँ।”
Jeremiah 15:5“हे यरूशलेम, तुझ पर कौन तरस खाएगा, और कौन तेरे लिये शोक करेगा? कौन तेरा कुशल पूछने को तेरी ओर मुड़ेगा?