लैव्यव्यवस्था 17:10
“फिर इस्राएल के घराने के लोगों में से या उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो किसी प्रकार का लहू खाए + 17:10 किसी प्रकार का लहू खाए: इस गद्यांश में निषेध के दो पृथक आधार दिए गए है। (1) जीवनदायक द्रव्य की उसकी प्रकृति (2) बलि चढ़ाने की उपासना में उसका अभिषेक।, मैं उस लहू खानेवाले के विमुख होकर उसको उसके लोगों के बीच में से नष्ट कर डालूँगा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 9:4पर माँस को प्राण समेत अर्थात् लहू समेत तुम न खाना + 9:4 तुम न खाना: किसी पशु को खाने के लिए इस्तेमाल करने से पहले उसको मारना जरुरी है और जब तक उसकी नसों में लहू बहता है उसमें जीवन रहता है, इसलिए इससे पहले उसका माँस खाया जाए उसके प्राण लहू निकालना जरुरी है।। (व्यव. 12:23)
Leviticus 3:17यह तुम्हारे निवासों में तुम्हारी पीढ़ी-पीढ़ी के लिये सदा की विधि ठहरेगी कि तुम चर्बी और लहू कभी न खाओ।” (प्रेरि. 15:20,29)
Leviticus 17:11क्योंकि शरीर का प्राण लहू में रहता है; और उसको मैंने तुम लोगों को वेदी पर चढ़ाने के लिये दिया है कि तुम्हारे प्राणों के लिये प्रायश्चित किया जाए; क्योंकि प्राण के लिए लहू ही से प्रायश्चित होता है। (इब्रा. 9:22)
Leviticus 20:3मैं भी उस मनुष्य के विरुद्ध होकर, उसको उसके लोगों में से इस कारण नाश करूँगा, कि उसने अपनी सन्तान मोलेक को देकर मेरे पवित्रस्थान को अशुद्ध किया, और मेरे पवित्र नाम को अपवित्र ठहराया।
Deuteronomy 12:16परन्तु उसका लहू न खाना; उसे जल के समान भूमि पर उण्डेल देना।
Deuteronomy 15:23परन्तु उसका लहू न खाना; उसे जल के समान भूमि पर उण्डेल देना।