लैव्यव्यवस्था 17:11
क्योंकि शरीर का प्राण लहू में रहता है; और उसको मैंने तुम लोगों को वेदी पर चढ़ाने के लिये दिया है कि तुम्हारे प्राणों के लिये प्रायश्चित किया जाए; क्योंकि प्राण के लिए लहू ही से प्रायश्चित होता है। (इब्रा. 9:22)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 9:4पर माँस को प्राण समेत अर्थात् लहू समेत तुम न खाना + 9:4 तुम न खाना: किसी पशु को खाने के लिए इस्तेमाल करने से पहले उसको मारना जरुरी है और जब तक उसकी नसों में लहू बहता है उसमें जीवन रहता है, इसलिए इससे पहले उसका माँस खाया जाए उसके प्राण लहू निकालना जरुरी है।। (व्यव. 12:23)
Leviticus 4:26और वह उसकी कुल चर्बी को मेलबलि की चर्बी के समान वेदी पर जलाए; और याजक उसके पाप के विषय में प्रायश्चित करे, तब वह क्षमा किया जाएगा।
Leviticus 16:11“हारून उस पापबलि के बछड़े को, जो उसी के लिये होगा, समीप ले आए, और उसको बलिदान करके अपने और अपने घराने के लिये प्रायश्चित करे।
Leviticus 17:14क्योंकि शरीर का प्राण जो है वह उसका लहू ही है जो उसके प्राण के साथ एक है; इसलिए मैं इस्राएलियों से कहता हूँ कि किसी प्रकार के प्राणी के लहू को तुम न खाना, क्योंकि सब प्राणियों का प्राण उनका लहू ही है; जो कोई उसको खाए वह नष्ट किया जाएगा। (प्रेरि. 15:20-29)
Matthew 20:28जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिए नहीं आया कि अपनी सेवा करवाए, परन्तु इसलिए आया कि सेवा करे और बहुतों के छुटकारे के लिये अपने प्राण दे।” 1 दो अंधों को दृष्टिदान
Mark 14:24और उसने उनसे कहा, “यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये बहाया जाता है। (निर्ग. 24:8, जक. 9:11)