लैव्यव्यवस्था 7:26
और तुम अपने घर में किसी भाँति का लहू, चाहे पक्षी का चाहे पशु का हो, न खाना।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
27हर एक प्राणी जो किसी भाँति का लहू खाएगा वह अपने लोगों में से नाश किया जाएगा।”
Cross References
Exodus 22:30वैसे ही अपनी गायों और भेड़-बकरियों के पहलौठे भी देना; सात दिन तक तो बच्चा अपनी माता के संग रहे, और आठवें दिन तू उसे मुझे दे देना।
Leviticus 17:10“फिर इस्राएल के घराने के लोगों में से या उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से कोई मनुष्य क्यों न हो जो किसी प्रकार का लहू खाए + 17:10 किसी प्रकार का लहू खाए: इस गद्यांश में निषेध के दो पृथक आधार दिए गए है। (1) जीवनदायक द्रव्य की उसकी प्रकृति (2) बलि चढ़ाने की उपासना में उसका अभिषेक।, मैं उस लहू खानेवाले के विमुख होकर उसको उसके लोगों के बीच में से नष्ट कर डालूँगा।
Ezekiel 33:25इस कारण तू उनसे कह, परमेश्वर यहोवा यह कहता है, तुम लोग तो माँस लहू समेत खाते + 33:25 तुम लोग तो माँस लहू समेत खाते: लहू के साथ माँस खाना उनके लिए वर्जित था। यह कनान की मूर्तिपूजा से जुड़ा प्रतीत होता है। और अपनी मूरतों की ओर दृष्टि करते, और हत्या करते हो; फिर क्या तुम उस देश के अधिकारी रहने पाओगे?
Acts 15:20परन्तु उन्हें लिख भेजें, कि वे मूरतों की अशुद्धताओं + 15:20 मूरतों की अशुद्धताओं: अशुद्ध का मतलब किसी भी तरह का अपवित्रीकरण। परन्तु यहाँ स्पष्ट रूप से निरुपित किया गया है कि उन पशुओं का माँस जो मूरतों को बलिदान किया गया था। और व्यभिचार और गला घोंटे हुओं के माँस से और लहू से परे रहें। (उत्प. 9:4, लैव्य. 3:17, लैव्य. 17:10-14)
Ephesians 1:7हमको मसीह में उसके लहू के द्वारा छुटकारा + 1:7 छुटकारा: पाप और पाप के दुष्परिणामों से छुटकारे को दर्शाता हैं, अर्थात् अपराधों की क्षमा, परमेश्वर के उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है,