Luke 3:7
जो बड़ी भीड़ उससे बपतिस्मा लेने को निकलकर आती थी, उनसे वह कहता था, “हे साँप के बच्चों, तुम्हें किसने चेतावनी दी, कि आनेवाले क्रोध से भागो?
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
6और हर प्राणी परमेश्वर के उद्धार को देखेगा।’” (यशा. 40:3-5)
Cross References
Psalms 58:4उनमें सर्प का सा विष है; 1 वे उस नाग के समान है, जो सुनना नहीं चाहता + 58:4 वे उस नाग के समान है, जो सुनना नहीं चाहता: सर्प बहरा होता है उसे कुछ भी सिखाया नहीं जा सकता, उसे मन्त्रमुग्ध नहीं किया जा सकता। ऐसा प्रतीत होता है, कि वह सुनना ही नहीं चाहता है।; 1
Matthew 3:7जब उसने बहुत से फरीसियों + 3:7 फरीसियों: यीशु के दिनों में सबसे प्रभावशाली यहूदी सम्प्रदाय। मूसा की व्यवस्था यानी रूढ़िवादी दृष्टिकोण अर्थात् मूसा की व्यवस्था का कठोरता से पालन करनेवाले फरीसी। और सदूकियों + 3:7 सदूकियों: यह भी पुरोहितों और उच्च वर्ग से सम्बंधित एक यहूदी के संप्रदाय था। यीशु के दिनों में वे आत्मिक संसार में विश्वास नहीं करते थे। को बपतिस्मा के लिये अपने पास आते देखा, तो उनसे कहा, “हे साँप के बच्चों, तुम्हें किसने चेतावनी दी कि आनेवाले क्रोध से भागो?
Matthew 23:33हे साँपों, हे करैतों के बच्चों, तुम नरक के दण्ड से कैसे बचोगे?
Acts 13:10“हे सारे कपट और सब चतुराई से भरे हुए शैतान की सन्तान, सकल धार्मिकता के बैरी, क्या तू प्रभु के सीधे मार्गों को टेढ़ा करना न छोड़ेगा? (नीति. 10:9, होशे 14:9)
Hebrews 6:18ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिनके विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अनहोना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिए दौड़े हैं, कि उस आशा को जो सामने रखी हुई है प्राप्त करें। (गिन. 23:19, 1 शमू. 15:29)