Mark 4:28
पृथ्वी आप से आप फल लाती है पहले अंकुर, तब बालें, और तब बालों में तैयार दाना।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
27और रात को सोए, और दिन को जागे और वह बीज ऐसे उगें और बढ़े कि वह न जाने।
Cross References
Genesis 1:11फिर परमेश्वर ने कहा, “पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे-छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्हीं में एक-एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें,” और वैसा ही हो गया। (1 कुरि. 15:38)
Genesis 2:9और यहोवा परमेश्वर ने भूमि से सब भाँति के वृक्ष, जो देखने में मनोहर और जिनके फल खाने में अच्छे हैं, उगाए, और वाटिका के बीच में जीवन के वृक्ष को और भले या बुरे के ज्ञान के वृक्ष को भी लगाया। (प्रका. 2:7, प्रका. 22:14)
Psalms 1:3वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती पानी की धाराओं के किनारे लगाया गया है + 1:3 वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती पानी की धाराओं के किनारे लगाया गया है: वह वृक्ष अपने आप नहीं उगा है वह ऐसा वृक्ष है जो एक मनोवांछित स्थान में लगाया गया है और बड़ी सावधानी से उसका पालन-पोषण किया गया है। 1 और अपनी ऋतु में फलता है, 1 और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। 1 और जो कुछ वह पुरुष करे वह सफल होता है। 1
Proverbs 4:18परन्तु धर्मियों की चाल, भोर-प्रकाश के समान है, 1 जिसकी चमक दोपहर तक बढ़ती जाती है। 1
Ecclesiastes 3:11उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने-अपने समय पर वे सुन्दर होते हैं; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्तकाल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तो भी जो काम परमेश्वर ने किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य समझ नहीं सकता।
Hosea 6:3आओ, हम ज्ञान ढूँढ़े, वरन् यहोवा का ज्ञान प्राप्त करने के लिये यत्न भी करें; क्योंकि यहोवा का प्रगट होना भोर का सा निश्चित है; वह वर्षा के समान हमारे ऊपर आएगा, वरन् बरसात के अन्त की वर्षा के समान जिससे भूमि सींचती है।” 1 इस्राएल और यहूदा की पश्चात्तापहीनता