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मत्ती 22:36

“हे गुरु, व्यवस्था में कौन सी आज्ञा बड़ी है?”

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Master, which is the great commandment in the law?

In Context

35और उनमें से एक व्यवस्थापक ने परखने के लिये, उससे पूछा,

37उसने उससे कहा, “तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। + 22:37 तू परमेश्वर. प्रेम रख: यहाँ यीशु यह कहते हैं कि हमें अपने परमेश्वर से सब कुछ से बढ़कर प्रेम करना चाहिए और उसे हमें अपने जीवन में प्रथम स्थान देना चाहिए, अपने सर्वस्व एवं अपने सम्पूर्ण व्यक्तित्व से प्रेम करना चाहिए (व्य 6:5)

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Cross References

Matthew 5:19इसलिए जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सबसे छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उनका पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा।

Matthew 23:23“हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवाँ अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों अर्थात् न्याय, और दया, और विश्वास को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते।

Luke 11:42“पर हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सुदाब का, और सब भाँति के साग-पात का दसवाँ अंश देते हो, परन्तु न्याय को और परमेश्वर के प्रेम को टाल देते हो; चाहिए तो था कि इन्हें भी करते रहते और उन्हें भी न छोड़ते। (मत्ती 23:23, मीका 6:8, लैव्य. 27:30)

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