Matthew 4:3
तब परखनेवाले ने पास आकर उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियाँ बन जाएँ।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
2वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, तब उसे भूख लगी। (निर्ग. 34:28)
Cross References
Genesis 3:1यहोवा परमेश्वर ने जितने जंगली पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, “क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, ‘तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना’?” (प्रका. 12:9, प्रका. 20:2)
Exodus 16:3और इस्राएली उनसे कहने लगे, “जब हम मिस्र देश में माँस की हाँड़ियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से + 16:3 यहोवा के हाथ से: यह स्पष्ट रूप से मिस्र की महा विपत्तियों, विशेष रूप से अंतिम महाविपत्ति की ओर संकेत करता है, जो मिस्रियों पर पड़ी। मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हमको इस जंगल में इसलिए निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखा मार डालो।”
Job 1:9शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, “क्या अय्यूब परमेश्वर का भय बिना लाभ के मानता है? (प्रका. 12:10)
Psalms 78:17तो भी वे फिर उसके विरुद्ध अधिक पाप करते गए, 1 और निर्जल देश में परमप्रधान के विरुद्ध उठते रहे। 1
Matthew 14:33इस पर जो नाव पर थे, उन्होंने उसकी आराधना करके कहा, “सचमुच, तू परमेश्वर का पुत्र है।” 1 यीशु द्वारा गन्नेसरत में अनेक रोगियों को चंगाई
Luke 4:9तब उसने उसे यरूशलेम में ले जाकर मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया, और उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आपको यहाँ से नीचे गिरा दे।