Numbers 18:1
फिर यहोवा ने हारून से कहा, “ पवित्रस्थान के विरुद्ध अधर्म का भार + 18:1 पवित्रस्थान के विरुद्ध अधर्म का भार: अधर्म का भार अर्थात् चूक करनेवालों द्वारा परमेश्वर की महिमा के विरुद्ध लगातार अपराध करना। तुझ पर, और तेरे पुत्रों और तेरे पिता के घराने पर होगा; और तुम्हारे याजक कर्म के विरुद्ध अधर्म का भार तुझ पर और तेरे पुत्रों पर होगा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 28:38और वह हारून के माथे पर रहे, इसलिए कि इस्राएली जो कुछ पवित्र ठहराएँ, अर्थात् जितनी पवित्र वस्तुएँ भेंट में चढ़ावे उन पवित्र वस्तुओं का दोष हारून उठाए रहे + 28:38 दोष हारून उठाए रहे: जिन पापों की यहाँ बात हो रही है उसका अर्थ उन पापों से नहीं जो किए गए, परन्तु पृथ्वी की हर बातों में परमेश्वर से अलगाव की उस अवस्था से है जो मेल-मिलाप और शुद्ध किए जाने को जरुरी बनाता है।, और वह नित्य उसके माथे पर रहे, जिससे यहोवा उनसे प्रसन्न रहे।
Numbers 14:34जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, एक दिन के बदले एक वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है। (प्रेरि. 13:18)
Numbers 17:7उन छड़ियों को मूसा ने साक्षीपत्र के तम्बू में यहोवा के सामने रख दिया।
Numbers 18:22और भविष्य में इस्राएली मिलापवाले तम्बू के समीप न आएँ, ऐसा न हो कि उनके सिर पर पाप लगे, और वे मर जाएँ।
Isaiah 53:11वह अपने प्राणों का दुःख उठाकर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा। (रोम. 5:19)
Acts 20:26इसलिए मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूँ, कि मैं सब के लहू से निर्दोष हूँ।