Numbers 35:34
जिस देश में तुम निवास करोगे उसके बीच मैं रहूँगा, उसको अशुद्ध न करना; मैं यहोवा तो इस्राएलियों के बीच रहता हूँ।” (लैव्य. 18:24)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 25:8और वे मेरे लिये एक पवित्रस्थान बनाएँ, कि मैं उनके बीच निवास करूँ + 25:8 मैं उनके बीच निवास करूँ: यहाँ निवास-स्थान का उद्देश्य है जिसे निश्चित रूप से स्वयं परमेश्वर ने घोषित किया है। यही बात परमेश्वर की उपस्थिति उनके लोगों के बीच में हे, दर्शाती है।।
Leviticus 18:24“ऐसा-ऐसा कोई भी काम करके अशुद्ध न हो जाना, क्योंकि जिन जातियों को मैं तुम्हारे आगे से निकालने पर हूँ वे ऐसे-ऐसे काम करके अशुद्ध हो गई हैं;
Leviticus 20:24पर मैं तुम लोगों से कहता हूँ कि तुम तो उनकी भूमि के अधिकारी होंगे, और मैं इस देश को जिसमें दूध और मधु की धाराएँ बहती हैं तुम्हारे अधिकार में कर दूँगा; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ जिसने तुम को अन्य देशों के लोगों से अलग किया है + 20:24 अन्य देशों के लोगों से अलग किया है: सम्पूर्ण प्रजा को, कोई एक भाग को ही नहीं, शुद्ध और अशुद्ध में अन्तर किया है जो “पुरोहितों के राज्य, पवित्र जाति” की एक विशिष्ट पहचान है।।
Numbers 16:3और वे मूसा और हारून के विरुद्ध उठ खड़े हुए, और उनसे कहने लगे, “तुम ने बहुत किया, अब बस करो; क्योंकि सारी मण्डली का एक-एक मनुष्य पवित्र है + 16:3 सारी मण्डली का एक-एक मनुष्य पवित्र है: कोरह का उद्देश्य लेवियों और जन साधारण में अन्तर समाप्त करना नहीं था, वरन् स्वयं के लिए और अपने परिजनों के लिए पुरोहितीय उपाधि जीतना था।, और यहोवा उनके मध्य में रहता है; इसलिए तुम यहोवा की मण्डली में ऊँचे पदवाले क्यों बन बैठे हो?”
Deuteronomy 21:23तो वह शव रात को वृक्ष पर टँगा न रहे + 21:23 वह शव रात को वृक्ष पर टँगा न रहे: उसको अपराध का दण्ड मिल गया और जनता के उदाहरण स्वरूप वह लटका रहा। उस पवित्र भूमि को उसकी उपस्थिति से तुरन्त एवं पूर्णतः मुक्त किया जाना था।, अवश्य उसी दिन उसे मिट्टी देना, क्योंकि जो लटकाया गया हो वह परमेश्वर की ओर से श्रापित ठहरता है; इसलिए जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तेरा भाग करके देता है उस भूमि को अशुद्ध न करना। (मत्ती 27:57,58, प्रेरि. 5:30)
Psalms 132:14“यह तो युग-युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; 1 यहीं मैं रहूँगा, क्योंकि मैंने इसको चाहा है। 1