Proverbs 13:2
सज्जन अपनी बातों के कारण + 13:2 अपनी बातों के कारण: उचित वचन स्वयं में अच्छे होते है और इस कारण उनसे अच्छे फल उत्पन्न होना आवश्यक है। उत्तम वस्तु खाने पाता है, 1 परन्तु विश्वासघाती लोगों का पेट उपद्रव से भरता है। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
1बुद्धिमान पुत्र पिता की शिक्षा सुनता है, 1 परन्तु ठट्ठा करनेवाला घुड़की को भी नहीं सुनता। 1
Cross References
Psalms 75:8यहोवा के हाथ में एक कटोरा है, जिसमें का दाखमधु झागवाला है; 1 उसमें मसाला मिला है + 75:8 उसमें मसाला मिला है: कहने का अर्थ है कि परमेश्वर का क्रोध एक मदिरा के सदृश्य है जिसका नशा बढ़ाया गया हो। , और वह उसमें से उण्डेलता है, 1 निश्चय उसकी तलछट तक पृथ्वी के सब दुष्ट लोग पी जाएँगे। (यिर्म. 25:15, प्रका. 14:10, प्रका. 16:19) 1
Proverbs 1:11यदि वे कहें, “हमारे संग चल, 1 कि हम हत्या करने के लिये घात लगाएँ, हम निर्दोषों पर वार करें; 1
Proverbs 1:31इसलिए वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, 1 और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएँगे। 1
Proverbs 10:11धर्मी का मुँह तो जीवन का सोता है, 1 परन्तु दुष्टों के मुँह में उपद्रव छिपा रहता है। 1
Proverbs 12:14सज्जन अपने वचनों के फल के द्वारा भलाई से तृप्त होता है, 1 और जैसी जिसकी करनी वैसी उसकी भरनी होती है। 1
Jeremiah 25:27“तब तू उनसे यह कहना, ‘सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्वर है, यह कहता है, पीओ, और मतवाले हो + 25:27 पीओ, और मतवाले हो: ये उपमाएँ उन देशों की पतित अवस्था को दर्शाती हैं। उन्होंने प्रकोप की मदिरा पी है। और उलटी करो, गिर पड़ो और फिर कभी न उठो, क्योंकि यह उस तलवार के कारण से होगा जो मैं तुम्हारे बीच में चलाऊँगा।’ (प्रका. 18:3)