Proverbs 14:3
मूर्ख के मुँह में गर्व का अंकुर है + 14:3 मूर्ख के मुँह में गर्व का अंकुर है: अर्थात् मूर्ख की बोली में दिखाया गया घमण्ड एक छड़ी के रूप में है जिसके द्वारा वह अन्यों को और स्वयं को भी मार गिराता है।, 1 परन्तु बुद्धिमान लोग अपने वचनों के द्वारा रक्षा पाते हैं। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In the mouth of the foolish is a rod of pride: but the lips of the wise shall preserve them.
In Context
4जहाँ बैल नहीं, वहाँ गौशाला स्वच्छ तो रहती है, 1 परन्तु बैल के बल से अनाज की बढ़ती होती है। 1
Cross References
Job 5:21तू वचनरुपी कोड़े से बचा रहेगा और जब 1 विनाश आए, तब भी तुझे भय न होगा। 1
Psalms 31:18जो अहंकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, 1 उनके झूठ बोलनेवाले मुँह बन्द किए जाएँ। (भज. 94:4, भज. 120:2) 1
Psalms 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है + 57:4 मेरा प्राण सिंहों के बीच में है: अर्थात् ऐसे मनुष्यों के मध्य हूँ जो शेरों के सामान है- खूंखार, बर्बर मनुष्य। , 1 मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, 1 अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिनके दाँत बर्छी और तीर हैं, 1 और जिनकी जीभ तेज तलवार है। 1
Proverbs 13:3जो अपने मुँह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, 1 परन्तु जो गाल बजाता है उसका विनाश हो जाता है। 1
Proverbs 18:7मूर्ख का विनाश उसकी बातों से होता है, 1 और उसके वचन उसके प्राण के लिये फंदे होते हैं। 1
Proverbs 22:8जो कुटिलता का बीज बोता है, वह अनर्थ ही काटेगा, 1 और उसके रोष का सोंटा टूटेगा। 1