Proverbs 18:14
रोग में मनुष्य अपनी आत्मा से सम्भलता है; 1 परन्तु जब आत्मा हार जाती है तब इसे कौन सह सकता है? 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
The spirit of a man will sustain his infirmity; but a wounded spirit who can bear?
In Context
13जो बिना बात सुने उत्तर देता है, वह मूर्ख ठहरता है, 1 और उसका अनादर होता है। 1
15समझवाले का मन ज्ञान प्राप्त करता है; 1 और बुद्धिमान ज्ञान की बात की खोज में रहते हैं। 1
Cross References
Job 1:20तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुँड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत् करके कहा, (एज्रा 9:3, 1 पत. 5:6)
Job 6:4क्योंकि सर्वशक्तिमान के तीर मेरे अन्दर चुभे हैं + 6:4 सर्वशक्तिमान के तीर मेरे अन्दर चुभे हैं: अर्थात् मेरा कष्ट कम नहीं है। मेरी पीड़ा ऐसी है जैसी मनुष्य नहीं दे सकता। ; 1 और उनका विष मेरी आत्मा में पैठ गया है; 1 परमेश्वर की भयंकर बात मेरे विरुद्ध पाँति बाँधे हैं। 1
Job 10:15यदि मैं दुष्टता करूँ तो मुझ पर हाय! 1 और यदि मैं धर्मी बनूँ तो भी मैं सिर न उठाऊँगा, 1 क्योंकि मैं अपमान से भरा हुआ हूँ 1 और अपने दुःख पर ध्यान रखता हूँ। 1
Psalms 32:3जब मैं चुप रहा 1 तब दिन भर कराहते-कराहते मेरी हड्डियाँ 1 पिघल गई। 1
Psalms 42:10मेरे सतानेवाले जो मेरी निन्दा करते हैं, 1 मानो उससे मेरी हड्डियाँ चूर-चूर होती हैं, 1 मानो कटार से छिदी जाती हैं, 1 क्योंकि वे दिन भर मुझसे कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहाँ है? 1
Psalms 55:5भय और कंपन ने मुझे पकड़ लिया है, 1 और भय ने मुझे जकड़ लिया है। 1