Proverbs 20:25
जो मनुष्य बिना विचारे किसी वस्तु को पवित्र ठहराए, 1 और जो मन्नत मानकर पूछपाछ करने लगे, वह फंदे में फँसेगा। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
It is a snare to the man who devoureth that which is holy, and after vows to make enquiry.
In Context
26बुद्धिमान राजा दुष्टों को फटकता है, 1 और उन पर दाँवने का पहिया चलवाता है। 1
Cross References
Leviticus 5:15“यदि कोई यहोवा की पवित्र की हुई वस्तुओं + 5:15 यहोवा की पवित्र की हुई वस्तुओं: सार्वजनिक उपासना से सम्बंधित कोई भी वस्तु जिससे पवित्रस्थान की हानि हो के विषय में भूल से विश्वासघात करे और पापी ठहरे, तो वह यहोवा के पास एक निर्दोष मेढ़ा दोषबलि के लिये ले आए; उसका दाम पवित्रस्थान के शेकेल के अनुसार उतने ही शेकेल चाँदी का हो जितना याजक ठहराए।
Leviticus 27:9“फिर जिन पशुओं में से लोग यहोवा को चढ़ावा चढ़ाते है, यदि ऐसों में से कोई संकल्प किया जाए, तो जो पशु कोई यहोवा को दे वह पवित्र ठहरेगा।
Numbers 30:2जब कोई पुरुष यहोवा की मन्नत माने, या अपने आपको वाचा से बाँधने के लिये शपथ खाए + 30:2 जब कोई पुरुष यहोवा की मन्नत माने, या अपने आपको वाचा से बाँधने के लिये शपथ खाए: “मन्नत” व्यवहार आधारित थी, “शपथ” नकारात्मक या प्रतिबंधात्मक आधारित थी। मन्नत खाने में मनुष्य परमेश्वर को कुछ देने के लिए बन्धक होता था या उसके लिए कुछ करने हेतु, शपथ खाने में वह स्वयं को कुछ लोगों और विलासिता से स्वयं को अलग रखता था। शपथ खाने में कुछ करने की विवशता थी जबकि मन्नत में कुछ करने को सहना आवश्यक था।, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुँह से निकला हो उसके अनुसार वह करे। (मत्ती 5:33)
Deuteronomy 23:23जो कुछ तेरे मुँह से निकले उसके पूरा करने में चौकसी करना; तू अपने मुँह से वचन देकर अपनी इच्छा से अपने परमेश्वर यहोवा की जैसी मन्नत माने, वैसा ही स्वतंत्रता पूर्वक उसे पूरा करना। 1 पड़ोसी की फसलें
Judges 21:22और जब उनके पिता या भाई हमारे पास झगड़ने को आएँगे, तब हम उनसे कहेंगे, ‘अनुग्रह करके उनको हमें दे दो, क्योंकि लड़ाई के समय हमने उनमें से एक-एक के लिये स्त्री नहीं बचाई; और तुम लोगों ने तो उनका विवाह नहीं किया, नहीं तो तुम अब दोषी ठहरते।’”
Ecclesiastes 5:2बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के सामने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिए तेरे वचन थोड़े ही हों।