Proverbs 27:20
जैसे अधोलोक और विनाशलोक, 1 वैसे ही मनुष्य की आँखें भी तृप्त नहीं होती। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Hell and destruction are never full; so the eyes of man are never satisfied.
In Context
19जैसे जल में मुख की परछाई मुख को प्रगट करती है, 1 वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रगट करती है। 1
21जैसे चाँदी के लिये कुठाली और सोने के लिये भट्ठी हैं, 1 वैसे ही मनुष्य के लिये उसकी प्रशंसा है। 1
Cross References
Job 26:6अधोलोक उसके सामने उघड़ा रहता है, 1 और विनाश का स्थान ढँप नहीं सकता। (भज. 139:8-11 नीति. 15:11, इब्रा. 4:13) 1
Proverbs 23:5जब तू अपनी दृष्टि धन पर लगाएगा, 1 वह चला जाएगा, 1 वह उकाब पक्षी के समान पंख लगाकर, निःसन्देह आकाश की ओर उड़ जाएगा। 1
Proverbs 30:16अधोलोक और बाँझ की कोख, 1 भूमि जो जल पी पीकर तृप्त नहीं होती, 1 और आग जो कभी नहीं कहती, ‘बस।’ 1
Ecclesiastes 2:10और जितनी वस्तुओं को देखने की मैंने लालसा की, उन सभी को देखने से मैं न रुका; मैंने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला।
Ecclesiastes 5:10जो रुपये से प्रीति रखता है वह रुपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से यह भी व्यर्थ है।
Isaiah 5:14इसलिए अधोलोक ने अत्यन्त लालसा करके अपना मुँह हद से ज्यादा पसारा है, और उनका वैभव और भीड़-भाड़ और आनन्द करनेवाले सब के सब उसके मुँह में जा पड़ते हैं।