The Bible Software
bible.softwareRomansRomans 2 › Romans 2:4

Romans 2:4

क्या तू उसकी भलाई, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और क्या यह नहीं समझता कि परमेश्वर की भलाई तुझे मन फिराव को सिखाती है?

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Or despisest thou the riches of his goodness and forbearance and longsuffering; not knowing that the goodness of God leadeth thee to repentance?

In Context

3और हे मनुष्य, तू जो ऐसे-ऐसे काम करनेवालों पर दोष लगाता है, और स्वयं वे ही काम करता है; क्या यह समझता है कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?

5पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिसमें परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने लिये क्रोध कमा रहा है।

Read all of Romans 2

Cross References

Exodus 34:6और यहोवा उसके सामने होकर यह प्रचार करता हुआ चला, “यहोवा, यहोवा, परमेश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करुणामय और सत्य,

Job 33:27वह मनुष्यों के सामने गाने और कहने लगता है, 1 ‘मैंने पाप किया, और सच्चाई को उलट-पुलट कर दिया, 1 परन्तु उसका बदला मुझे दिया नहीं गया। 1

Psalms 78:38परन्तु वह जो दयालु है, वह अधर्म को ढाँपता, और नाश नहीं करता; 1 वह बार बार अपने क्रोध को ठंडा करता है, 1 और अपनी जलजलाहट को पूरी रीति से भड़कने नहीं देता। 1

Psalms 86:15परन्तु प्रभु दयालु और अनुग्रहकारी परमेश्वर है, 1 तू विलम्ब से कोप करनेवाला और अति करुणामय है। 1

Psalms 130:3हे यहोवा, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, 1 तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा? 1

Isaiah 30:18तो भी यहोवा इसलिए विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिए ऊँचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं + 30:18 क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं: परमेश्वर पर अपना भरोसा रखो और यह विश्वास करो कि वो प्रगट होकर अपने राज्य को ज्यों का त्यों कर देगा। ।

This Verse In Other Editions

King James VersionBíblia Almeida (Português)Luther Bibel (Deutsch)Bible Louis Segond (Français)Библия (Русский)聖經 (中文)성경 (한국어)聖書 (日本語)الكتاب المقدس (العربية)Biblia (Kiswahili)Bibbia Diodati (Italiano)Alkitab (Bahasa Indonesia)Kinh Thánh (Tiếng Việt)

Study Romans 2:4

Matthew HenryJamieson-Fausset-BrownAdam ClarkeAlbert BarnesJohn WesleyJohn CalvinScofieldWilliam BurkittFamily Bible NotesJohn LightfootGeneva Bible Notes (1599)
← Romans 2:3Romans 2Romans 2:5 →