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Romans 6:21

तो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उनसे उस समय तुम क्या फल पाते थे? क्योंकि उनका अन्त तो मृत्यु है।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

What fruit had ye then in those things whereof ye are now ashamed? for the end of those things is death.

In Context

20जब तुम पाप के दास थे, तो धार्मिकता की ओर से स्वतंत्र थे।

22परन्तु अब पाप से स्वतंत्र होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिससे पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।

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Cross References

Deuteronomy 17:6जो प्राणदण्ड के योग्य ठहरे वह एक ही की साक्षी से न मार डाला जाए, किन्तु दो या तीन मनुष्यों की साक्षी से मार डाला जाए। (यूह. 8:17, 1 तीमु. 5:19, इब्रा. 10:28)

2 Samuel 12:5तब दाऊद का कोप उस मनुष्य पर बहुत भड़का; और उसने नातान से कहा, “यहोवा के जीवन की शपथ, जिस मनुष्य ने ऐसा काम किया वह प्राणदण्ड के योग्य है;

Ezra 9:6“हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुँह उठाते लज्जा आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुँह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढ़ते-बढ़ते आकाश तक पहुँचा है। (दानि. 9:7,8)

Job 42:6इसलिए मुझे अपने ऊपर घृणा आती है + 42:6 मुझे अपने ऊपर घृणा आती है: मुझे बोध हो गया कि मैं एक घृणित एवं तुच्छ पापी हूँ। यद्यपि अय्यूब ने सिद्ध होने का दावा नहीं किया परन्तु वह अपनी धार्मिकता के विचार से अनावश्यक बड़प्पन दिखा रहा था। , 1 और मैं धूलि और राख में पश्चाताप करता हूँ।” 1 अय्यूब का घोर परीक्षा से छूटना

Proverbs 1:31इसलिए वे अपनी करनी का फल आप भोगेंगे, 1 और अपनी युक्तियों के फल से अघा जाएँगे। 1

Proverbs 9:17“चोरी का पानी मीठा होता है + 9:17 चोरी का पानी मीठा होता है: अर्थात् निषिद्ध कार्य को करने में आनन्द प्राप्त होता है, विलासिता मनोहर होती है क्योंकि वह वर्जित है। , 1 और लुके-छिपे की रोटी अच्छी लगती है।” 1

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