रोमियों 8:20
क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर अधीन करनेवाले की ओर से व्यर्थता के अधीन इस आशा से की गई।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
19क्योंकि सृष्टि बड़ी आशा भरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की प्रतीक्षा कर रही है।
Cross References
Genesis 5:29उसने यह कहकर उसका नाम नूह रखा, कि “यहोवा ने जो पृथ्वी को श्राप दिया है, उसके विषय यह लड़का हमारे काम में, और उस कठिन परिश्रम में जो हम करते हैं, हमें शान्ति देगा।”
Job 12:6डाकुओं के डेरे कुशल क्षेम से रहते हैं, 1 और जो परमेश्वर को क्रोध दिलाते हैं, वह बहुत ही निडर रहते हैं; 1 अर्थात् उनका ईश्वर उनकी मुट्ठी में रहता हैं; 1
Isaiah 24:5पृथ्वी अपने रहनेवालों के कारण अशुद्ध हो गई है, क्योंकि उन्होंने व्यवस्था का उल्लंघन किया और विधि को पलट डाला, और सनातन वाचा को तोड़ दिया है।
Jeremiah 12:11उन्होंने उसको उजाड़ दिया; वह उजड़कर मेरे सामने विलाप कर रहा है। सारा देश उजड़ गया है + 12:11 सारा देश उजड़ गया है: उस उजड़े हुए देश को परमेश्वर से गुप्त पुकार करना है क्योंकि मनुष्यों ने आनेवाले विनाश के चिन्ह देखने से इन्कार कर दिया है।, तो भी कोई नहीं सोचता।
Hosea 4:3इस कारण यह देश विलाप करेगा, और मैदान के जीव-जन्तुओं, और आकाश के पक्षियों समेत उसके सब निवासी कुम्हला जाएँगे; और समुद्र की मछलियाँ भी नाश हो जाएँगी।
Romans 8:22क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।