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रोमियों 8:26

इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये विनती करता है।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Likewise the Spirit also helpeth our infirmities: for we know not what we should pray for as we ought: but the Spirit itself maketh intercession for us with groanings which cannot be uttered.

In Context

25परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उसकी आशा रखते हैं, तो धीरज से उसकी प्रतीक्षा भी करते हैं।

27और मनों का जाँचनेवाला जानता है, कि पवित्र आत्मा की मनसा क्या है? क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार विनती करता है।

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Cross References

Psalms 6:3मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। 1 और तू, हे यहोवा, कब तक? (यूह. 12:27) 1

Psalms 10:17हे यहोवा, तूने नम्र लोगों की अभिलाषा सुनी है; 1 तू उनका मन दृढ़ करेगा, तू कान लगाकर सुनेगा 1

Psalms 55:1हे परमेश्वर, मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा; 1 और मेरी गिड़गिड़ाहट से मुँह न मोड़! 1

Psalms 77:1मैं परमेश्वर की दुहाई चिल्ला चिल्लाकर दूँगा, 1 मैं परमेश्वर की दुहाई दूँगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा। 1

Psalms 102:5कराहते-कराहते मेरी चमड़ी हड्डियों में सट गई है। 1

Psalms 119:81मेरा प्राण तेरे उद्धार के लिये बैचेन है; 1 परन्तु मुझे तेरे वचन पर आशा रहती है। 1

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