Acts 9:5
उसने पूछा, “हे प्रभु, तू कौन है?” उसने कहा, “मैं यीशु हूँ; जिसे तू सताता है।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
4और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, “हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?”
6परन्तु अब उठकर नगर में जा, और जो तुझे करना है, वह तुझ से कहा जाएगा।”
Cross References
Deuteronomy 32:15“परन्तु यशूरून मोटा होकर लात मारने लगा; 1 तू मोटा और हष्ट-पुष्ट हो गया, और चर्बी से छा गया है; 1 तब उसने अपने सृजनहार परमेश्वर को तज दिया, 1 और अपने उद्धार चट्टान को तुच्छ जाना। 1
Job 9:4परमेश्वर बुद्धिमान और अति सामर्थी है: 1 उसके विरोध में हठ करके कौन कभी प्रबल हुआ है? 1
Psalms 2:12पुत्र को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, 1 और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ, 1 क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। 1 धन्य है वे जो उसमें शरण लेते है।
Acts 5:39परन्तु यदि परमेश्वर की ओर से है, तो तुम उन्हें कदापि मिटा न सकोगे; कहीं ऐसा न हो, कि तुम परमेश्वर से भी लड़नेवाले ठहरो।”
1 Corinthians 10:22क्या हम प्रभु को क्रोध दिलाते हैं? क्या हम उससे शक्तिमान हैं? (व्यव. 32:21) 1 मसीही स्वतंत्रता