Genesis 35:3
और आओ, हम यहाँ से निकलकर बेतेल को जाएँ; वहाँ मैं परमेश्वर के लिये एक वेदी बनाऊँगा + 35:3 मैं परमेश्वर के लिये एक वेदी बनाऊँगा: जब वह दुविधा में और संकट में था तो परमेश्वर उसकी सहायता के लिए आता है। वह उसे उस स्थान का स्मरण कराता है जहाँ वह पहले प्रगट हुआ था और उसे वहाँ एक वेदी बनाने का निर्देश देता है।, जिसने संकट के दिन मेरी सुन ली, और जिस मार्ग से मैं चलता था, उसमें मेरे संग रहा।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 28:15और सुन, मैं तेरे संग रहूँगा, और जहाँ कहीं तू जाए वहाँ तेरी रक्षा करूँगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊँगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूँ तब तक तुझको न छोड़ूँगा।” (यशा. 41:10)
Genesis 31:3तब यहोवा ने याकूब से कहा, “अपने पितरों के देश और अपनी जन्म-भूमि को लौट जा, और मैं तेरे संग रहूँगा।”
Genesis 32:7तब याकूब बहुत डर गया, और संकट में पड़ा: और यह सोचकर, अपने साथियों के, और भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, और ऊँटों के भी अलग-अलग दो दल कर लिये,
Genesis 48:15फिर उसने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, “परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे अब्राहम और इसहाक चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से लेकर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है; (इब्रा. 11:21)
Psalms 50:15और संकट के दिन मुझे पुकार; 1 मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।” 1
Psalms 91:15जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूँगा; 1 संकट में मैं उसके संग रहूँगा, 1 मैं उसको बचाकर उसकी महिमा बढ़ाऊँगा। 1